अनुसंधान और विकास

Planetskool

Planetskool has adopted a Five Point Manifesto, which drive its vision, mission and actions. They are briefly described here:

1) ACcessible, Comprehensive and Equal EDucation for all (ACCEED) (सा विद्या या विमुक्तये)

To ensure that all the children of the planet receive equal and comprehensive education, irrespective of their economic background and privileges. The pain point is that the education is becoming increasingly unequal for children due to cost, quality and accessibility. This is having adverse educational and psychological effects of various kinds on all children. We must ensure that children learn to be friends with each other without biases and this manifesto goal is absolutely essential for that to happen.

2) Planet Resource Expansion, Publication and Supply (PREPS) (विद्या दान परम दान)

The goal is to implement a framework based on fundamental taxonomy to allow everyone to contribute to the learning material and knowledge base of humanity. While we recommend open access to all resources, data can be kept private as well. Human knowledge and understanding of the universe keeps evolving. We must ensure this evolution takes place in a responsible and sustainable manner. To be able to calculate the human knowledge and as individual’s knowledge construction is essential in reaching a common understanding and putting the knowledge and deeds in right perspective among all of us. This will give encouragement to collaboration instead of blind competition among people and nations.

3) Responsible Acceleration Connectors for Education, Research & Development (RACE R&D) (कृण्िन्तो विश्वम् आययम्)

The wealth creation with moral responsibilities of the world leaders decides the future of the planet. We aim to improve education, especially higher education so as to create future leaders who put responsible and sustainable growth before monetary profit.

4) Child Care & Rights Protection Force (CCRPF – Vayam Raksham) (ियम रक्षाम)

Child Labour, Child Abuse, human trafficking, begging, malnutrition, no access to education, less love and care, homelessness, drug abuse, bullying, diseases, depression and more such evils are there which affects our world’s children and hence affects our future adversely. It is our duty to protect the children from all forms of evil and Planetskool is designed to fight and defeat such evil. Goals suggested by UNCRC will be implemented using Planetskool.

5) Planet Care & Collaborations(PCC – Vishwa Mitram)(िसुधैि कुटुम्बकम् - विश्वावमत्रम्)

If we all knew each other when we were young, we would all be friends and world would get rid of most of its problem arising due to misconceptions and miscommunications among people. We will put friendship first in our policy, and will work towards a friendly, collaborative and peaceful co- existence among nations.

Bhartiya Shiksha Shodh Sansthan

भारतीय शिक्षा शोध संस्थान, विधभारती की शिक्षा प्रणाली के अन्तर्गत विगत 31 वर्षो से कार्यरत है। विधाभारती, भारतीय संस्कृति पर आधारित युगानुकूल शिक्षा प्रणाली संचालित करती है, जिसकी विकासोन्मुखता के लिए भारतीय शिक्षा शोध संस्थान निरनतर प्रयत्नशील है। नवीन अनुसंधान एवं अन्वेषण करते हुए, पुरातन ज्ञान-विन के आधार पर शैक्षिक भविष्य को संवारने का कार्य शोध संस्थान रहा है। कार्य की प्रगति का यह वृत्त, शोध के लिए प्रतिबद्धता और शिक्षा में निरन्तर सुधार की कामना, विधाभारती के सभी कार्यकत्र्ताओं में जाग्रत कर सका, तो शोध संस्थान अपनी साधना को सफल मानेगा।।

भारतीय संस्कृति, जीवन-दर्शन, योग और मनोविज्ञान पर आधारित शिक्षा एवं सामान्य व्यकित्तव विकास को ध्यान में रखते हुए, भारतीय शिक्षा संस्थान के निम्नलिखित उदृेेश्य निर्धारित किये गये है:

  1. भारतीय संस्कृति एवं जीनादर्शों के अनुरूप शिक्षा-दर्शन विकसित करना।
  2. शिक्षा का ऐसा स्वरूप विकसित करना, जिसके माध्यम से भारत की अमूल्य आध्यातिमक निधि परम सत्य के अनुसंधान में, पूर्व पुरूषों के अनुभव एवं गौरवशाली परम्पराओं की राष्ट्रीय थाती को, वर्तमान पीढ़ी को सौंपा जा सके और उसकी समृद्धि में वह अपना योगदान देने में समर्थ हो सके।
  3. विश्व के आधनिकाान, विन एवं तकनीकी उपलबिधयों का पूर्ण उपयोग करते हुए, भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षण पद्धति एवं साधन विकसित करना, जिससे छात्रों के सर्वांगीण विकास के शैक्षिक उदृेश्यों एवं लक्ष्यों की प्रापित सुलभ हो सके।
  4. विधाभारती के उदृेश्यों के अनुरूप शिक्षा प्रणाली का विकास करने हेतु, आवश्यक आचार्य एवं शोध कार्य में प्रवीण कार्यकर्ताओं के निर्माण हेतु, समुचित शिक्षण एवं प्रशिक्षण की कार्य योजना बनाकर, उसे क्रियानिवत करना।
  5. समाज के निर्धन वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के बच्चों के विकास की दृषिट से उनकी सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, व शैक्षिक समस्याओं का अध्ययन करना।
  6. ग्रामीण क्षेत्र की शैक्षिक समस्याओं का अध्ययन, ग्रामीण परिवार के बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर करना।
  7. भारत के पुनर्निर्माण हेतु शिक्षा के प्रभावी साधनों द्वारा व्यकित का सर्वागीण विकास करने के लिए अनुसंधान करना।
  8. वर्तमान शैक्षिक संरचना को ध्यान में रखकर, भारतीय संस्कृति, आदर्शों, मूल्यों एवं आध्यातिमक मान्यताओं के अनुकूल श्रेष्ठ साहित्य का निर्माण एवं प्रकाशन करना।