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Former Teacher at RSS-affiliated School, Ramesh Pokhriyal Nishank Now Human Resource Development Minister.

Ramesh Pokhriyal Nishank, who started his career as a teacher in Rashtriya Swayamsevak Sangh-affiliated Saraswati Shishu Mandir is the new Human Resource Development Minister of India.

#पौड़ी गढ़वाल का एक गरीब बेटा कैसे पहुंचा शिशु मंदिर के गलियारों से राजनीति के गलियारों तक?
#विद्याभारती के पूर्व आचार्य एवं पूर्व प्रधानाचार्य माननीय रमेश पोखरियाल "निशंक" जी को एच.आर.डी. HRD मिनिस्टर बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं l
 #कर्णप्रयाग विधानसभा, #पिनानी, #पौड़ी-गढ़वाल, #मोदी कैबिनेट, #सरस्वती शिशु मंदिर, #हरिद्वार के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक
 उत्तराखंड में हरिद्वार के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक मोदी कैबिनेट में जगह बनाने में कामयाब साबित हुए। लेकिन इनकी इस सफलता के पीछे कितने उतार-चढ़ाव आए ये कोई नहीं जानता। पौड़ी गढ़वाल के पिनानी में गरीब परिवार में जन्में निशंक ने सफलता की इस सीढ़ी चढ़ने के लिए कई संघर्ष किए। 

सरस्वती शिशु मंदिर के आचार्य से मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री बनने की उनकी यात्रा बेहद अनूठी है। जोशीमठ स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में निशंक प्राचार्य रहे। जो उनके जीवन का कठिन दौर था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक होने के साथ-साथ उन्हें अध्यापन का दोहरा दायित्व निभाना होता था। उनके विद्यालय के छात्र रहे बृजेश सती कहते हैं, जब मैं पांचवीं कक्षा का विद्यार्थी था, तब निशंक जी स्कूल के प्रधानाचार्य थे।’ अध्यापन कार्य के दौरान निशंक समाज सेवा और सक्रिय राजनीति से जुड़ गए। राजनीति में उनके कदम जमें तो फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

अस्सी के दशक में निशंक उत्तराखंड राज्य के संघर्ष समिति के केंद्रीय प्रवक्ता बनें। 1991 में वे पहली कर्णप्रयाग विधानसभा से निर्वाचित हुए और उत्तर प्रदेश विधानसभा में पहुंचे। वे इस सीट पर 1993 और 1996 में भी चुनाव जीते। 

वे उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में पांच बार विधायक निर्वाचित हुए और दो बार लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। 2009 में मुख्यमंत्री बनें और अब केंद्रीय मंत्री बनने का उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ है