Sapta Shakti Sangam: Awakening of the Mother Power

सप्तशक्ति संगम: मातृशक्ति के जागरण से होगा सशक्त राष्ट्र का निर्माण

नई दिल्ली। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित देशव्यापी अभियान "सप्तशक्ति संगम" का दिल्ली प्रांत स्तरीय समापन समारोह 21 फरवरी 2026 को 'कंसटीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया' में गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस अभियान का उद्देश्य भगवद्गीता में वर्णित नारी की सात दिव्य शक्तियों— श्री, वाक्, कीर्ति, मेधा, क्षमा, धृति एवं स्मृति को जागृत करना है।

अभियान की विशालता:

कार्यक्रम में साझा किया गया कि देशभर में आयोजित लगभग 22,000 कार्यक्रमों के माध्यम से 26 लाख से अधिक महिलाओं ने इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की। अकेले दिल्ली प्रांत में 84 संगमों का सफल आयोजन किया गया।

प्रमुख उद्बोधन एवं विचार:

कमलजीत सहरावत (लोकसभा सांसद): उन्होंने कहा कि कुटुंब प्रबोधन और पर्यावरण संरक्षण में नारी की भूमिका केंद्रीय है। परिवार में नारी का सम्मान ही सामाजिक स्थिरता का आधार है।

डॉ. रमा शर्मा (प्राचार्य, हंसराज कॉलेज): मुख्य वक्ता के रूप में उन्होंने नारी को राष्ट्र की आधारशिला बताया और कहा कि मातृत्व का गुण नारी को सर्वोच्च गरिमा प्रदान करता है।

डॉ. ज्योति चौथाईवाले (अध्यक्षा): उन्होंने जोर दिया कि सशक्त परिवार ही सशक्त राष्ट्र की जननी है और इसमें महिलाओं का उत्तरदायित्व सबसे महत्वपूर्ण है।

संकल्प और समापन:

कार्यक्रम की संयोजिका कविता विश्नोई एवं उत्तर क्षेत्र संयोजिका गीता आहूजा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समापन सत्र में उपस्थित 200 से अधिक प्रबुद्ध महिलाओं ने भारतीय जीवन मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण और कुटुंब प्रबोधन का राष्ट्रीय संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन 'वंदे मातरम्' के घोष के साथ हुआ।