Vidya Bharati Parishad becomes the world's largest alumni organization
विश्व का सबसे बड़ा पूर्व छात्र संगठन बना विद्या भारती परिषद
कुरुक्षेत्र : विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के पूर्व छात्र परिषद 10.60 लाख पंजीकृत सदस्यों के आंकड़े के साथ विश्व भर में सबसे बड़े पूर्व छात्र संगठन का दर्जा हासिल कर लिया है। इस संगठन में पंजीकृत सदस्य विश्व भर के 92 देशों में सेवाएं दे रहे हैं। विश्व में दूसरा स्थान अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी का है, जिसके पास आठ लाख के करीब पूर्व छात्र पंजीकृत हैं।
विद्या भारती पूर्व छात्र परिषद के यह सदस्य नासा, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल जैसी कंपनियों में सेवाएं दे रहे हैं। यही नहीं समाज सेवा सहित अन्य क्षेत्रों में भी यह छात्र लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वर्ष 2019 में ऑनलाइन पंजीकरण के लिए पोर्टल का शुभारंभ करने के चार साल बाद ही संगठन ने विश्व में पहले स्थान तक पहुंच बना दी थी। गौरतलब है कि विद्या भारती के देश भर में 13 हजार के करीब विद्यालय हैं। इन्हीं विद्यालयों में 35 लाख के करीब विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक अभी तक ही इन विद्यालयों के 65 लाख के करीब पूर्व छात्र हैं। इन्हीं में से 10.60 लाख ने पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करवा रखा है। यही विद्यार्थी सामाजिक सेवाओं में अपनी भूमिका निभा रहे हैं व देश भर में देश और जिला की इकाइयां हर साल लाखों रुपये की छात्रवृत्तियां प्रदान कर होनहार जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद कर रही हैं।
मुख्य सांख्यिकी:
- 10.60 लाख पंजीकरण, 13 हजार स्कूलों में पढ़ रहे 35 लाख विद्यार्थी।
- पूर्व विद्यार्थियों की कुल संख्या 65 लाख के पार।
विपत्ति पड़ी तो संभाल लिया था पूर्व शिक्षक का परिवार
विद्या भारती पूर्व छात्रों ने अपनी पढ़ाई सही मायने में सार्थक करते हुए करीब सात पहले अपने एक पूर्व शिक्षक के परिवार की विपत्ति पड़ने के बाद पूरे परिवार को संभाल लिया था। इन पूर्व छात्रों ने पूर्व शिक्षक की मौत के बाद उनकी बीमारी से पीड़ित बेटी का इलाज करवाया और उसके दो छोटे बच्चों की भी जिम्मेदारी संभाली। बीमारी से हारने पर पूर्व शिक्षक की बेटी की असमय मौत के बाद दो छोटे बच्चों को संभाला और उन्हें भोजन से लेकर स्कूली शिक्षा तक की व्यवस्था की। इतना ही नहीं पूर्व छात्रों के सहयोग से बाकायदा उनके खंडहर हुए घर का निर्माण करवाया। इसमें घर के बाहर एक दुकान का निर्माण कर परिवार के लिए नियमित मासिक आय की भी व्यवस्था की थी।
डॉ. पंकज शर्मा का संदेश
"जब कोविड में सभी को सामाजिक भाईचारे और एक दूसरे की जरूरत थी तो विद्या भारती के पूर्व छात्र इसमें सबसे अग्रणी रहे। इसी हौसले को देखते हुए उन्होंने एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया और इस पर पंजीकरण करते हुए सभी पूर्व छात्रों को जोड़ने पर काम शुरू किया गया। जब इस पोर्टल पर पूर्व छात्र जुड़ने लगे तो यह विश्व का सबसे बड़ा पूर्व छात्र संगठन बन गया। अब जब भी किसी सामाजिक जागरूकता के लिए प्रयास शुरू किए जाते हैं तो विश्व भर में एक साथ 20 लाख से अधिक हाथ उस कार्य को करना शुरू कर देते हैं।"
- डॉ. पंकज शर्मा, अखिल भारतीय संयोजक, विद्या भारती पूर्व छात्र परिषद।